सचिव: श्री अजय भाटी | President: श्री दिनेश भाटी
जय हो संस्था द्वारा आयोजित रज विसर्जन यात्रा — शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी की पावन स्मृति में एक विनम्र श्रद्धांजलि।
उन्होंने अपने अद्भुत साहस और देशभक्ति से भारत के युवाओं में स्वतंत्रता का जोश भर दिया। उनका नारा — "इंकलाब ज़िंदाबाद!" आज भी हर भारतीय के दिल में गूंजता है।
राजगुरु एक वीर योद्धा थे जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए हँसते-हँसते अपना जीवन बलिदान कर दिया। उनका साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
सुखदेव थापर ने भगत सिंह और राजगुरु के साथ मिलकर भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। वे युवा शक्ति के प्रतीक हैं।
भारत की आज़ादी की कहानी उन वीरों के बिना अधूरी है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर मातृभूमि को आज़ाद कराया।
इनमें सबसे प्रमुख नाम हैं — शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव।
भगत सिंह बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे। उन्होंने अंग्रेज़ों की गुलामी से भारत को मुक्त कराने का संकल्प लिया।
उनके साथियों राजगुरु और सुखदेव ने भी मिलकर अंग्रेज़ों के खिलाफ क्रांति की ज्वाला भड़काई।
तीनों ने अपने प्राणों की आहुति देकर युवाओं को यह संदेश दिया कि देश सबसे ऊपर है।
भगत सिंह का नारा — “इंकलाब ज़िंदाबाद!” आज भी हर भारतीय के दिल में जोश भर देता है।
23 मार्च 1931 को जब इन तीनों वीर सपूतों को फांसी दी गई, तो पूरा देश रो पड़ा, पर उनके विचार अमर हो गए।
उन्होंने हमें सिखाया कि सच्चा देशभक्त वही है जो अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाए और राष्ट्र की सेवा में जीवन समर्पित कर दे।
हमारा कर्तव्य है कि हम उनके बलिदान को याद रखें और उनके बताए रास्ते पर चलें —
सच्चाई, साहस और देशप्रेम के साथ।
इंकलाब ज़िंदाबाद! वंदे मातरम्!
जय हो संस्था द्वारा आयोजित इस यात्रा में शहीदों की पवित्र मिट्टी का विसर्जन किया गया — यह आयोजन समाज में एकता, श्रद्धा और देशभक्ति का प्रतीक है।
सचिव: श्री अजय भाटी
ईमेल: ajay@jsr-group.in
स्थान: ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश